हेल्प इंडिया संस्थान कि राष्ट्रीय कार्यकारणी में DMIT विंग की राष्ट्रीय चैयरमेन सुश्री प्रियंका जगदीश माने जी का अभिनंदन

Oct 22 2020 1:04PM 0 Comments, 135 Visits

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति व पूर्व राज्यपाल श्री एनएल टिबरेवाल जी का आभार

सात लाख लोगों ट्रेनिंग के मार्फत जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली राष्ट्रीय प्रतिभा, हेल्प इंडिया ऑनलाइन संस्थान में DMIT विंग की राष्ट्रीय चैयरमेन एवं सीईओ गुरुकुल प्रतिष्ठान पुना सुश्री प्रियंका जगदीश माने जी जन्म महाराष्ट्र के धूलियाँ जिले में 26 जून 1990 को हुआ।

प्रतिभावान महिला राष्ट्रीय पुरस्कार एवम युवा पुरस्कार महाराष्ट्र शासन द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान से नवाज़ी जा चुकी इस राष्ट्रीय प्रतिभा को असंख्य अवार्ड मिल चुके हैं।
सुश्री प्रियंका बी ई (E&TC), एमटेक (VLSI), मास्टर डिप्लोमा नेचुरोपैथी एंड योगा साइंस , टैरो कार्ड रीडर, रेकी मास्टर, कलर थेरेपिस्ट व कॉउंसल्लर आदि तक कि शिक्षा लेने के बाद भी आप निरन्तर अध्यनरत हैं।
वर्ष 2010 में सुश्री प्रियंका माने जी विख्यात मेमोरी ट्रेनर, मोटिवेटर, माइंड ट्रेनर, लीडर शीप डिवेलपमेंट, ट्रेनर के रूप में टीचर ट्रेनिंग और पेरेंटिंग,मनीमंत्र पर 500 से अधिक सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित कर करीब 7 लाख से ज्यादा संख्या में ट्रेनिंग दी।
सुश्री प्रियंका माने के इस उपलब्धि में पारिवारिक गुणों का अहम योगदान है। आप शिक्षा रत्न से सम्मानित विख्यात शिक्षाविद एवं हेल्प इंडिया में एक्टिव सिटी हेड व शिक्षा की राष्ट्रीय विंग में सदस्य श्री जगदीश माने जी की सपुत्री है। माने साहब अपनी सपुत्री के बारे में बोलते है कि
बेटियों के पास भी पंख होते है
कभी उनके अरमान देखों,
एक मौका और थोड़ा सा हौसला दो
फिर उसकी ऊँची उड़ान देखो।

बिना रूचि शिक्षा फलदायी नहीं है। DMIT पर आपके विशेष अध्ययन में ये साबित किया है कि दिमागी सोच का विश्लेषण सही करके हम शिक्षण शैलियों को पहचान कर सकते है। ये हमारी अध्ययन प्रक्रिया को अधिक फलदायी, रुचिकर व मनपसंद बनाता है।
शिक्षा का मकसद है एक खाली दिमाग को खुले दिमाग में परिवर्तित करना हैं इसलिए अभिव्यक्ति, प्रस्तुति, संचार कौशल को आपने बहुत अधिक महत्व देते हुवे अपने जीवन को बदलने वाले कार्यक्रमों को खूब फैलाया। सुश्री प्रियंका माने जी आप नेतृत्व के भाव लाकर उद्यमशीलता की भावना को प्रेरित करते रहते है।

DMIT के बारे में आपके अत्याधुनिक विचार के माध्यम जैसे की एक नया साइयंटिफ़िक तरीक़ा जिसके माध्यम से हम कि सभी व्यक्ति कि क्षमता,बलस्थान और ख़ामियाँ जानकर उसके केरियर और जीवन को दिशा देने व कौशल के मुताबिक उड़ान भरने में सहायक का कार्य कर सकते है।

प्रियंका जी का मानना है कि शिक्षा अंधकार से प्रकाश की ओर जाने वाला आंदोलन है। शिक्षा के स्वरूप को उनकी पसंद के मुताबिक प्रतिभा पहचान कर भारत को पुनः विश्व गुरु की ओर ले जा सकती हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारणी में आप जैसे कौशल में निपुण, नारी सशक्तिकरण की मिसाल, सिध्दस्त शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता को राष्ट्रीय कार्यकारणी में डीएमआईटी विंग की राष्ट्रीय चैयरमेन के रूप में मनोनयन पर हम गौरान्वित है तथा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का आभार व्यक्त करते है।

 

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